पाकुड़- नेताजी सुभाष चंद्र बोस के दिखाए मार्ग पर चल अपने लक्ष्य को पूरा करें- डीडीसी

पॉजिटिव अग्रेशन को जीवन में आत्मसात करें : डीडीसी *जयंती पर जिदातो मिशन स्कूल समीप स्थित नेताजी की प्रतिमा पर पदाधिकारियों एवं गणमान्य लोगों ने किया मल्यार्पण

Jan 24, 2020 - 09:40
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पाकुड़- नेताजी सुभाष चंद्र बोस के दिखाए मार्ग पर चल अपने लक्ष्य को पूरा करें- डीडीसी

पाकुड़ : नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की 123वीं जयंती शहर से जिदातो मिशन स्कूल के समीप स्थित प्रतिमा स्थल पर पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अतिथि उप विकास आयुक्त रामनिवास यादव, आइटीडीए निदेशक डॉ ताराचंद्र, अपर समाहर्ता जय किशोर प्रसाद, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभात कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनी देवी, जिला शिक्षा अधीक्षक दुर्गानंद झा, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी समेत अन्य ने उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि नेताजी की जीवनी के बारे में आप सभी भली भांति जानते हैं, स्कूलों व किताबों में भी आप सभी पढ़ते आए हैं। उनकी अहम भूमिका देश की आजादी भी रही है। वह एकमात्र ऐसे सदस्य थे जिन्होंने उन दिनों आर्मी (आजाद हिंद फौज) की स्थापना कर अंग्रेज़ों के विरूद्ध लड़ाई लड़ी। उन्होंने सबसे प्रतिष्ठित आइएस की परीक्षा लंदन में दी और परीक्षा में चौथा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने नेताजी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए सीख लेने की बात कहीं। कहा कि देश को जल्द आजाद कराने की मंशा से ही नेताजी ने आजाद हिंद फौज का गठन किया। इससे उन्हें बहुत हद तक सफलता भी हासिल हुई। वह विभिन्न देशों एवं राष्ट्रों में गए, वहाँ के राष्ट्राध्यक्षों से मिलकर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ सभी राष्ट्रों एवं देशों को एकजुट कर देश को आजादी दिलाने के लिए एक आम सहमति स्थापित की।डीडीसी ने पॉजिटिव अग्रेशन के साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त करने को कहा।

मौके पर आइटीडीए निदेशक डॉ ताराचंद्र ने भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यद्यपि नेताजी सिविल सेवा परीक्षा में उत्तीर्ण हुए परन्तु उनके अंदर देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी। एक अच्छे परिवार से आने के बावजूद उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर अपना पूरा जीवन देश के लिए समर्पित किया। आज हमें उनके ऐसा करने के उद्देश्य को समझने की आवश्यकता है। उस वक्त जो ब्रिटिश हुकूमत थी उसका विभिन्न रूप से प्रतिरोध किया जा रहा था। लेकिन ऐसा प्रतीत हुआ कि अन्य राष्ट्रों से भी मदद लेकर ब्रिटिश हुकूमत पर एक दबाव बनाया जा सके जिससे देश जल्द से जल्द आजाद हो सके।

मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनी देवी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा किये गए कार्यों तथा उनके विचारों को स्मरण करने और उसी तरह अपने मनों में देशभक्ति की अलख को जगाने की बात कहीं। उन्होंने नेताजी द्वारा दिए नारे “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” को बताया।

मौके पर उपस्थित अन्य पदाधिकारी एवं शहर के गणमान्य लोगों ने भी नेता जी के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए अपने जीवन में उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। जीदातो मिशन स्कूल की छात्रा संगीता कुमारी ने उनके जीवनी जन्म शिक्षा आदि पर संक्षिप्त परिचय दिया।

इस अवसर पर नेताजी जयंती समारोह आयोजन समिति के सदस्य, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि, विभिन्न विद्यालयों के बच्चे आदि उपस्थित थे।

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