पत्रकारों की मांग को लेकर वरिष्ठ पत्रकार केबी मिश्रा बैठे भूख हड़ताल पर
एआईएसएम जेडब्लूए भी कूदा समर्थन में
रांची से विनीत कुमार की रिपोर्ट
रांची : पत्रकारों के हितों के संरक्षण की मांग को लेकर राजधानी रांची में वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण बिहारी मिश्र अपने आवास पर एक दिवसीय भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने पूर्व में ही इस संबंध में घोषणा कर दी थी कि पत्रकारों की मांगों की निरंतर हो रही अनदेखी के विरोधस्वरूप वह बुधवार 19 मई को अपने आवास पर एक दिवसीय भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उनके इस आह्वान का समर्थन करते हुए ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन (एआइएसएम जेडब्लूए) भी कूद पड़ा है।
श्री मिश्र द्वारा भूख हड़ताल के निर्णय को जायज ठहराते हुए एआईएसएम जेडब्ल्यू से जुड़े पदधारियों व सदस्यों ने भी एक दिवसीय भूख हड़ताल में शामिल होने की घोषणा कर दी। इसके तहत बुधवार (19 मई) को एआईएसएम जेडब्लूए के बैनर तले राज्य के विभिन्न जगहों के पत्रकार भी अपने-अपने घरों पर एक दिवसीय भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
श्री मिश्र के समर्थन में राजधानी रांची में वरिष्ठ पत्रकार व एसोसिएशन के प्रदेश सलाहकार राघव कुमार सिंह ने भी अपने आवास पर तीन घंटे का उपवास रखा।
गौरतलब है कि झारखंड में पत्रकारों के हितों के संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की उदासीनता और मौन पर वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण बिहारी मिश्र ने गंभीर चिंता जताई है।
उनकी मांगों में मुख्य रूप से पत्रकारों को समुचित सम्मान और अधिकार दिलाना, सभी मीडिया संस्थानों में प्रबंधन की ओर से पत्रकारों के लिए वेलफेयर फंड की व्यवस्था करना, राज्य सरकार द्वारा मीडिया हाउस को निर्गत विज्ञापन पर 10 प्रतिशत सेस लगाना,(यह राशि विषम परिस्थितियों में पत्रकारों को मदद करने के लिए होगी), पत्रकारों पर हो रहे फर्जी मुकदमों की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करना, कोरोना संक्रमण काल के दौरान दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को मुआवजा देना और पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने सहित अन्य मांगें शामिल हैं।
इधर, केबी मिश्र के समर्थन में एआईएसएम जेडब्लूए के बिहार, झारखंड व बंगाल प्रभारी प्रीतम सिंह भाटिया, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शंकर गुप्ता सहित राज्य के विभिन्न जिला मुख्यालयों और अन्य जगहों के पत्रकारों ने भी अपने आवासों पर भूख हड़ताल शुरू कर दिया है। इस संबंध में एसोसिएशन के प्रीतम सिंह भाटिया ने बताया कि विगत एक वर्ष से अधिक की अवधि में कोरोना संक्रमण काल के दौरान राज्य के 35 पत्रकार कोरोना संक्रमित होकर काल-कावलित हो चुके हैं। इन दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को मुआवजा सहित अन्य सुविधाएं देने और कोरोना काल में जान जोखिम में डालकर समाचार संकलन कर रहे पत्रकार साथियों को कोरोना वाॅरियर्स का दर्जा देने की मांग को लेकर एआइएसएम जेडब्लूए निरंतर संघर्षरत है। एसोसिएशन की ओर से पिछले दिनों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस संदर्भ में पत्र भी प्रेषित किया गया है। लेकिन इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की इस चुप्पी पर आश्चर्य व्यक्त किया है और आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है।
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