सरला बिरला पब्लिक स्कूल के नन्हे सितारों ने मनाया ग्रेजुएशन डे-‘क्रिसालिस’

पहली कक्षा के विद्यार्थियों ने ‘कल्पतरु‘ नृत्य के माध्यम से वृक्ष संरक्षण का संदेश दिया, जबकि दूसरी कक्षा के छात्रों ने ‘मेटामॉर्फोसिस‘ नृत्य की रंगारंग प्रस्तुति देकर समारोह की शोभा बढ़ाई।

Mar 24, 2025 - 21:23
 0  47
सरला बिरला पब्लिक स्कूल के नन्हे सितारों ने मनाया ग्रेजुएशन डे-‘क्रिसालिस’

सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची ने प्री-प्राइमरी स्कूल ग्रेजुएशन डे-‘क्रिसालिस’ को हर्षोल्लास के साथ मनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ, जिसके पश्चात सम्माननीय मुख्य अतिथि, प्रख्यात प्लास्टिक सर्जन डॉ. अनंत सिन्हा का अभिनंदन किया गया। विद्यालय के क्वायर ग्रुप द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया। पहली कक्षा के विद्यार्थियों ने ‘कल्पतरु‘ नृत्य के माध्यम से वृक्ष संरक्षण का संदेश दिया, जबकि दूसरी कक्षा के छात्रों ने ‘मेटामॉर्फोसिस‘ नृत्य की रंगारंग प्रस्तुति देकर समारोह की शोभा बढ़ाई।

शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ‘स्टार चाइल्ड ऑफ द सेशन‘, ‘बेस्ट इन एकेडमिक्स‘, ‘बेस्ट इन को-करिकुलर‘, ‘आउटस्टैंडिंग अचीवर‘, ‘परफेक्ट सेंचुरी‘ जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। शत-प्रतिशत उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को ‘प्रवाह 2024-25‘ के अंतर्गत पदक व प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, साथ ही उनके अभिभावकों को भी उनकी निरंतर सहयोग भावना के लिए प्रशंसा पत्र दिए गए। ‘स्टार चाइल्ड अवार्ड 2024-25‘ कक्षा ज्ञळ. प्प् की शामिया कलाम को प्रदान किया गया, जिन्होंने शैक्षणिक और अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह विशेष अवसर विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था, जो उन्हें आगामी परीक्षा के लिए तैयार करता है।


मुख्य अतिथि डॉ. अनंत सिन्हा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता के लिए लगन, परिश्रम और आत्मविश्वास आवश्यक हैं। उन्होंने छात्रों को नए अवसरों को अपनाने, अपने सपनों को साकार करने और निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्या श्रीमती परमजीत कौर ने विद्यार्थियों और शिक्षकों की रचनात्मकता एवं समर्पित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रत्येक बच्चे में निहित अद्वितीय प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप, बच्चों को एक सहज और तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने रटकर याद करने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करते हुए, बुनियादी भाषा एवं गणितीय समझ विकसित करने के महत्व पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता और मानसिक दृढ़ता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि वे वास्तविक जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0