झारखंड को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में बजट श्रेयष्कर 

( झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर त्वरित टिप्पणी)

Mar 4, 2025 - 01:10
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झारखंड को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में बजट श्रेयष्कर 

 झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार के दूसरे टर्म का पहला बजट वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने प्रस्तुत किया है। हेमंत सोरेन सरकार ने इस बजट को अबुआ बजट बताया है। इस अबुआ बजट में हेमंत सोरेन सरकार को मिले जनादेश का असर भी साफ दिखाई दे रहा है । प्रस्तुत बजट पिछले हेमंत सोरेन सरकार के बजट की तुलना में बहुत ही भारी भरकम है। इस अबुआ बजट में ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी गई है । जब 2020-21 में हेमंत सोरेन सरकार ने अपना पहला बजट प्रस्तुत किया था, तब यह बजट मात्र 86, 370 करोड रुपए का था । आज पांच वर्षों के बाद 2025 - 26 के लिए जब यह बजट प्रस्तुत किया गया है, तब उसका आकार बढ़ कर 1,45,400 करोड रुपए का हो गया है। बजट की बढ़ती राशि यह बताती है कि झारखंड राजस्व प्राप्ति की दिशा में काफी तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। इससे प्रतीत होता है कि आने वाले दिनों में झारखंड के विकास योजनाओं की लड़ी लग जाएगी।  वहीं बजट के प्रावधानों  के अध्ययन से प्रतीत होता है कि राज्य सरकार राजकोषीय घाटा को काम भी करना चाहती है। चूंकि राज्य की आमदनी का एक बड़ा हिस्सा ब्याज के भुगतान में चला जाता है। जिससे कई विकास योजनाएं प्रभावित होती रही हैं। इस बजट में इस बात का पूरा ध्यान दिया गया है।
     साल  2029 तक राज्य की अर्थव्यवस्था 10 ट्रिलियन बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है । झारखंड में कुल पांच नए लॉ यूनिवर्सिटी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।  ट्राइबल यूनिवर्सिटी खोले जाने का प्रस्ताव पारित किया गया है।  झारखंड अनुसूचित जाति परामर्शदात्री आयोग गठन करने निर्णय लिया गया है। प्रस्तुत बजट झारखंड को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में श्रेष्यकर कहा जा सकता है। 
  बजट में योजना मद और गैर योजना मद की राशि को समाहित की गई है। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा जारी जन कल्याणकारी योजनाएं और अनुदान पूर्व की तरह ही जारी रहेंगी । झारखंड की जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसका भी बजट पर ध्यान दिया गया है। राज्य सरकार ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, मंईया सम्मान योजना और शिक्षा के समुचित  विकास के लिए अतिरिक्त धन प्रदान करने बजट में प्रावधान किया गया। ध्यातव्य है कि मंईया सम्मान योजना के कारण ही हेमंत सोरेन सरकार फिर से झारखंड की सत्ता में आ पाई ।  इसलिए हेमंत सोरेन सरकार ने बजट में अनुदान की राशि में किसी भी तरह का कोई कटौती नहीं की है। बल्कि  अनुदान की राशि में काफी वृद्धि की गई है।  जिस कारण बजट का आकार भी बड़ा हुआ है।‌ इससे प्रतीत होता है कि आने वाले वर्षों में मंईया सम्मान योजना के तहत झारखंड की  महिलाओं को सम्मान राशि मिलती रहेगी। 
     उम्मीद के अनुरूप बजट हर तबके के लोगों को राहत पहुंचाने वाला है।  वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर  ने बजट प्रस्तुत कर आशा जताई है कि बजट हर तबके के लोगों को राहत पहुंचाएगा। बजट में प्रावधान की गई राशि से झारखंड की अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार होगा । 3 मार्च को वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर  ने यह संकेत  दिया  कि बजट के प्रावधानों से झारखंड के सभी वर्ग के लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी।  खासकर जो नीचे तबके के लोग हैं, उनकी क्रय शक्ति बढ़ाने का प्रस्ताव इस बजट में किया गया है । आगे उन्होंने कहा कि यह बजट दलितों, अल्पसंख्यकों, गरीबों और आम वर्ग को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है । वर्ष 2025-26 में राजस्व व्यय के लिए 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए प्रस्तावित है । वहीं  पूंजीगत व्यय के अंतर्गत ,40 हजार करोड़ रुपए प्रस्तावित है। वित्त मंत्री ने एक लाख  पचास हजार करोड़ रुपए  का भारी भरकम बजट प्रस्तुत किया है । 2024 - 25 की तुलना में 2025 - 26 में 20 % की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि बीते 25 वर्षों के दरमियान हुई वृद्धि में सबसे अधिक है। इतना भारी भरकम बजट प्रस्तुत कर हेमंत सोरेन सरकार ने यह बताने की कोशिश की है कि झारखंड प्रांत देश के किसी भी प्रांत से कमतर नहीं है।    प्रस्तुत बजट के अनुसार स्वास्थ्य सेवा, राजस्व व्यय, पूंजीगत व्यय, सामान्य वर्ग एवं सामाजिक क्षेत्र में आशा जनक  राशि बढ़ाई गई है। उम्मीद की जा रही है कि स्वास्थ्य विभाग में बढ़ाई गई राशि से समाज के दबे कुचले वर्ग को बहुत ही लाभ होगा। इस बजट में प्रदेश के बेरोजगार युवकों, किसानों और मध्यम वर्ग के हितों का ध्यान रखा गया है। जबकि सच्चाई यह है कि बीते पांच सालों के कार्यकाल में हेमंत सोरेन सरकार में गिनती भर नियुक्तियां ही सरकारी स्तर पर हो पाई हैं । कई सरकारी विभागों में सरकारी कर्मचारियों का घोर  अभाव भाव है।  जिस कारण सरकारी कार्यालयों में आम आदमियों के जमीन के दाखिल खारिज से संबंधित कार्य अटके पड़े हैं। इसलिए सरकारी स्तर पर नियुक्तियां  बहुत जरूरी है। सरकारी विभागों में नियुक्तियों को लेकर भी सरकार को बजट पर कुछ अलग से प्रावधान करना चाहिए। 
    वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सदन को आश्वस्त किया है कि प्रस्तुत बजट के माध्यम से झारखंड में खुशहाली लाने की पूरी कोशिश की जाएगी। झारखंड के रुके विकास को गति प्रदान किया जाएगा। बजट में कई  नई योजनाओं की शुरुआत करने की घोषणा की गई है । कृषि  को और विकसित करने के लिए नई  तकनीकि से युक्त किया जाएगा । मत्स्य पालन, दुग्ध उत्पादन जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दुरुस्त की जाएगी ।
  यह बजट झारखंड में उद्यमिता विकास की दिशा में बेहतर सिद्ध होगा।  इस बजट में देश के अन्य क्षेत्रों से पूंजी निवेश पर भी बल दिया गया है। अगर ऐसा होता है, तो आने वाले दिनों में झारखंड राजस्व प्राप्ति की दिशा में और आगे बढ़ेगा। उद्यमिता  विकास एक ऐसा माध्यम है, जिससे राज्य की  आमदनी बढ़ती  है ।‌ इसके  साथ ही बेरोजगारों  को रोजगार भी प्रदान करती है।‌ राज्य सरकार ने उद्यमिता विकास की दिशा में जो राशि आवंटित की है, उम्मीद है कि आने वाले कुछ सालों में झारखंड में कई उद्योग लगा पाएंगे ।
   बजट के प्रावधानों से किसान वर्ग और  ग्रामीण विकास को काफी लाभ मिलने की उम्मीद है । आज भी झारखंड प्रांत के वासी  72% गांवों में निवास करते हैं।  अगर 72% लोगों के जीवन में खुशहाली आती है, तब निश्चित तौर पर झारखंड की अर्थव्यवस्था पर इसका बहुत ही व्यापक व अनुकूल असर पड़ेगा।  अगर बजट में प्रस्तावित राशि शत प्रतिशत खर्च हो जाता तो झारखंड की दशा और दिशा ही अलग होती।  यह बजट समाज के सभी वर्ग के लोगों को लुभाने वाला प्रतीत होता है । हेमंत सोरेन सरकार इस बजट के माध्यम से राजनीतिक माइलेज भी लेना चाहती है।
20 25 -26 का बजट बहुत ही सूझबूझ के साथ तैयार किया गया है । आगामी लोकसभा और विधानसभा के चुनाव को भी ध्यान में रखा गया है। राज्य सरकार बजट में किसी भी मद में कितने भी राशि प्रस्तावित कर दे, लेकिन राज्य के बढ़ते कर्ज और उसकी अदायगी में ब्याज का भुगतान, दोनों मिलाकर कुल बजट का 14% हिस्सा कर्ज और ब्याज भुगतान में चला जाता है। राज्य सरकार इस कर्ज और ब्याज भुगतान से मुक्ति का कोई कारगर उपाय ढूंढ नहीं पाई। ‌ जबकि चालू वित्त वर्ष में इस राजकोषीय घाटा को और कम करने की सरकार की योजना है।
  झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार प्रस्तुत बजट के माध्यम से झारखंड की बुनियादी सुविधाओं को पूरी तरह दुरुस्त करना चाहती है । पानी, सड़क,बिजली और स्वास्थ्य पर सरकार का ध्यान आशा जनक है । राज्य सरकार देश के अन्य प्रदेशों की तरह झारखंड में भी सड़क निर्माण, हाई स्पीड कॉरिडोर, टूरिज्म के क्षेत्र में आशातीत सफलता प्राप्ति के लिए  बजट में विशेष रूप से प्रावधान किया है। उम्मीद है कि इससे झारखंड की कनेक्टिविटी बढ़ेगी और टूरिज्म के विकास से लोगों की आमदनी बढ़ेगी। 2025- 26 का प्रस्तुत बजट समाज के हर वर्ग के लोगों के विकास को ध्यान में रखकर बनाया गया है । यह बजट समाज के दबे कुचले लोगों,दलित,अभिवंचितों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं और किसानों के कल्याण की दिशा में कारगार हो सकता है।

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