लीड्स की राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित

सतत विकास लक्ष्य हासिल करने में झारखंड पीछे : एके सिंह

Jun 22, 2022 - 11:20
 0  14
लीड्स की राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित

मुख्य संवाददाता
रांची। राजधानी के होटल लीलैक में “सतत विकास लक्ष्य और झारखंड में इसकी स्थिति” विषयक राज्यस्तरीय कंसल्टेशन का आयोजन किया गया। इस कंसल्टेशन का आयोजन लीड्स और ब्रेड फॉर द वर्ल्ड के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में झारखंड कई स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे। इसके अलावा राज्य के विभिन्न क्षेत्र से समुदाय के प्रतिनिधि जैसे वार्ड सदस्य, मुखिया और ग्राम प्रधानों की भी इस कार्यक्रम में उपस्थिति रही।

सतत विकास लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए लीड्स के निदेशक एके सिंह ने कहा कि सबके लिए समान, न्यायपूर्ण और सुरक्षित विश्व बनाने के लिए एसडीजी एक सार्वभौमिक समझौता है जो कि तय किये हुए लक्ष्यों को 2030 तक प्राप्त करने की बात कहता है I इसमें कुल 17 लक्ष्य निर्धारित किये गए हैं । वर्ष 2015 में हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा के सम्मलेन में सतत विकास के लिए एजेंडा अपनाया गया और यह 2016 से प्रभाव में आया। इसमें सरकारों, स्वयंसेवी संस्थाओं, अधिकारियों, समुदाय के लोगों आदि की जिम्मेवारी भी तय की गयी है।

लीड्स की राजप्रिया ने बतलाया कि एसडीजी के 5 मुख्य आधार हैं- लोग, संसाधन, खुशहाली , शांति और साझेदारी। लक्ष्य संख्या 1 से 4 तक के बारे में बतलाया जो कि हैं- गरीबी को समाप्त करना, खाद्य सुरक्षा और बेहतर पोषण मुहैया कराना। बेहतर स्वास्थ्य सुविधा, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

लीड्स की निर्झरिणी रथ ने एसडीजी के लक्ष्य 5 से 8 तक के बारे में बतलाया जो कि हैं- लैंगिक समानता, जल और स्वच्छता की उपलब्धता, सतत एवं स्वच्छ उर्जा, समावेशी आर्थिक विकास और रोजगार को बढ़ावा I

लीड्स के निदेशक एके सिंह ने एसडीजी के लक्ष्य 9 से 17 तक के बारे में बतलाया I

लीड्स के अमित कुमार ने लक्ष्यों की प्राप्ति के आधार पर झारखण्ड की स्थिति के बारे में नीति आयोग की 2020-21 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा की ज्यादातर लक्ष्यों को प्राप्त करने के मामले में झारखण्ड की स्थिति काफी पीछे है I लक्ष्य संख्या 1 और 2, जो कि गरीबी उन्मूलन और बेहतर खाद्य सुरक्षा के बारे में है उनमें सभी राज्यों में झारखण्ड का स्थान सबसे नीचे है I उसी प्रकार स्वास्थ्य और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के मामले में झारखण्ड का स्थान सभी राज्यों में क्रमशः 11 और 21 है I

यूनिसेफ की लक्ष्मी सक्सेना ने कहा कि एसडीजी की लक्ष्य प्राप्ति के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार आदि से सम्बंधित सरकारी योजनओं का लाभ समुदाय के वंचित वर्ग तक पहुंचना काफी जरुरी है। इसके साथ साथ समुदाय को उनके अधिकारों के बार्रे में जागरूक करने के लिए स्वयंसेवी सँस्थाओं की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।

सची जी, सचिव छोटानागपुर सांस्कृतिक संघ, ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में माहवारी स्वच्छता और प्रजनन स्वास्थ्य के मामले में अभी भी ग्रामीण समुदाय में जागरूकता का काफी अभाव है जिसको लेकर आगे काम करने की जरुरत है I गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को हासिल करने में कोरोना महामारी के चलते हम थोड़े पीछे रह गए हैं और अब प्राथमिकता के आधार पर इस पर भी काम करना होगा I

सतीश कर्ण, सचिव लोक प्रेरणा, ने कहा कि एसडीजी के लक्ष्य प्राप्ति में स्वयंसेवी संस्थाओं की भूमिका काफी अहम् है। ऐसी संस्थाओं और स्वयं सेवकों को बढ़ावा दिए जाने की जरुरत है ताकि समुदाय को जागरूक करने और समाज के अंतिम वंचित व्यक्ति तक सुविधा पहुँचाने का काम सुनिश्चित हो सके।

सुधीर पाल, मंथन युवा मंच, ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि हम स्थायी विकास चाहते हैं तो स्थानीय स्वशासन को बढ़ावा देना होगा और पंचायतों को सशक्त करना होगा।
वरिष्ठ पत्रकार मधुकर ने कहा कि सतत विकास के लिए यह जरुरी है कि सरकारें कल्याणकारी योजनाओं का आबंटित बजट सही तरीके से खर्च करें।
डॉ. हरीश्वर दयाल, डायरेक्टर सेंटर फॉर फिस्कल स्टडीज , झारखण्ड सरकार ने कहा कि SDG के लक्ष्यों को पाने में भारत की स्थिति खुश करने वाली नहीं है I यूएन की 2022 की एसडीजी रिपोर्ट के अनुसार 163 देशों की सूची में भारत का स्थान 131 वां है जबकि हमारे पडोसी देश बांग्लादेश की स्थिति हमसे बेहतर है जो कि 104 वें स्थान पर है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0