बिना पहचान पत्र के 2000₹ का नोट बदलने की आर बी आइ की घोषणा भ्रामक:-कांग्रेस
गया । आरबीआइ द्वारा 2000₹ के नोट की छपाई बंद करने, तथा चलन वाले सारे नोट को बदलने की घोषणा के बाद देशभर के बैंको में 23 मई से आमजन जब आर बी आइ के घोषणा के अनुरूप बिना पहचान पत्र के नोट बदलने पहुंचे, तो उन्हें बैंक द्वारा एक फार्म भरने को दिया गया, जिसमे उसका आधार, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आर डी, पासपोर्ट, जॉब कार्ड,में से कोई एक आई डी प्रूफ देने तथा नाम, मोबाइल नंबर देने पर ही नोट बदलने की बाते बैंक के कर्मचारियों द्वारा कहने पर आमजन आक्रोशित हो कर अखबार एवम् टी वी चैनल में आर बी आइ, तथा सरकार द्वारा आई बाते की बिना कोई आई डी प्रूफ के कोई 2000₹ का नोट बैंक के काउंटर से बदल सकता है, जो पूरी तरह भ्रामक सिद्ध हो रहा है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह क्षेत्रीय प्रवक्ता प्रो विजय कुमार मिठू, पूर्व विधायक मो खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राम प्रमोद सिंह, बाबूलाल प्रसाद सिंह, उदय शंकर पालित, दामोदर गोस्वामी, सादुल्लाह फारूकी, अमरजीत कुमार, टिंकू गिरी, प्रद्युमन दुबे, शिव कुमार चौरसिया, सुरेंद्र मांझी, विनोद उपाध्याय, मो समद, असरफ इमाम, बिपिन बिहारी सिन्हा, कुंदन कुमार, विशाल कुमार, अशोक राम, आदि ने कहा की आखिर केंद्र सरकार, आर बी आइ अखबारों में भ्रामक बाते कर आमजन को परेशान क्यों करती है। देशभर में कितने ऐसे गरीब, मध्यवर्गीय परिवार के ऐसे लोग है, जो दो, चार दो हजार के नोट बक्से में छिपा कर रखे है, जिनका खाता किसी बैंक में नहीं है, वैसे लोग बहुत खुश थे की नोट बदलने में कोई आई डी, कागज, नाम , मोबाइल नंबर दिए बिना ही काम हो जायेगा, लेकिन ऐसा नहीं होने से इनमे भयानक आक्रोश है। आरबीआइ, तथा केंद्र सरकार द्वारा पारदर्शी बातो की घोषणा दैनिक अखबार तथा टीवी चैनल पर करनी चाहिए ना की भ्रामक और झूठी घोषणा। नोट बदलने की घोषणा आर बी आइ द्वारा हुआ, जिसकी अंतिम तिथि 30 सितंबर है, जिस तिथि को बढ़ाने की घोषणा शायद वित्त मंत्री करेंगे, तथा हो सकता है की अंतिम आगे की और घोषणा प्रधानमंत्री करेंगे।
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