कुंजबन का 38वां स्थापना दिवस 26 मार्च को

झारखंड सहित पड़ोसी राज्यों के कलाकार बिखेरेंगे अपनी प्रतिभा का जलवा

Mar 24, 2022 - 12:02
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कुंजबन का 38वां स्थापना दिवस 26 मार्च को

रांची। झारखंड की ख्यातिप्राप्त सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था ‘कुंजबन’ का 38वां स्थापना दिवस समारोह 26 मार्च को चुटिया स्थित महादेव मंडा परिसर में धूमधाम से मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम में झारखंड सहित पड़ोसी राज्य उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के कलाकार भी अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेरेंगे।
इस संबंध में गुरुवार को चुटिया स्थित नन्हे बचपन प्ले स्कूल परिसर में कुंजबन स्थापना दिवस समारोह आयोजन समिति द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में संस्था के संस्थापक पद्मश्री मुकुंद नायक ने बताया कि झारखंडी कला-संस्कृति के अस्तित्व को बचाए रखने के उद्देश्य से वर्ष 1985 में कुंजबन की स्थापना की गई। इसके माध्यम से गांव में अखरा संस्कृति के संवर्द्धन और संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि आदिवासी-मूलवासी की अखरा संस्कृति में प्रकृति प्रदत्त विशेषताएं हैं। जिसे गीत-संगीत और नृत्य का उद्भव केंद्र भी कहा जाता है। अखरा आदिवासी समुदाय के जनजीवन का उपासना केंद्र सहित सामाजिक -सांस्कृतिक गतिविधियों का भी केंद्र माना जाता है। उन्होंने कहा कि झारखंड की अखरा संस्कृति जीने की कला के साथ-साथ नृत्य -संगीत के माध्यम से खुशनुमा वातावरण बनाने में भी काफी सहायक होती है।
पद्मश्री मुकुंद नायक ने कहा कि झारखंडी लोक संगीत, नृत्य और जीवन को समृद्ध व उन्नत बनाने में अखरा संस्कृति का काफी महत्वपूर्ण स्थान है।
श्री नायक ने कहा कि आदिवासी-मूलवासियों की अखरा संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन आवश्यक प्रतीत होने लगा है। वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया गया है। उन्होंने कहा कि अखरा संस्कृति से जुड़े कलाकारों को रोजगार उपलब्ध करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार प्रत्येक गांव और टोलो में सुषुप्त अखरा को पुनर्जीवित करने की दिशा में प्रयास शुरू करे। झारखंड की अखरा कला पुरखों की विरासत है। जिसे सहेज कर रखना हमारा कर्तव्य है।
नृत्य-संगीत, नाटक अकादमी, कला-संस्कृति और साहित्य अकादमी बनाकर इसका विकास किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड की कला संस्कृति को बचाने और इसके विकास के लिए सभी शिक्षा केन्द्रों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में अखरा संस्कृति से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की आवश्यकता है। इस दिशा में राज्य और केंद्र सरकार से आग्रह किया गया है। इस प्रयास से झारखंड की कला संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन संभव हो सकेगा।
स्थापना दिवस समारोह के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कुंजबन से जुड़े राजकुमार नागवंशी ने बताया कि इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक सीपी सिंह, झामुमो नेत्री महुआ माजी, मेयर डॉ. आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, कांग्रेस नेता अजय नाथ शाहदेव एवं प्रोफेशनल कांग्रेस के आदित्य विक्रम जायसवाल सहित अन्य गणमान्य समारोह में मौजूद रहेंगे।
प्रेस वार्ता में राजकुमार नागवंशी, छत्रधारी महतो, रेखा देवी, किशोर नायक, सुरेश साहू, रूपेश केसरी, रवि सिंह, अरुण नायक, बाबूलाल ठाकुर, मनपूरण नायक,गुजा तिर्की सहित अन्य मौजूद थे।

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